Hindi story of deaf to success

सफलता के लिए बहरापन Hindi story of deaf to success

Hindi story of deaf to success

सफलता के लिए बहरापन Hindi story of deaf to success

एक समुन्द्र में हजारो मेंढक रहते थे ! इन सभी मेंढको ने एक दूसरे से बात करना शुरू किया और बोलने लगे बहार की दुनिया में सभी जीवो के पास अपना अपना राजा होता है ! अपना अपना मंत्री होता है !

जैसे जंगल का राजा सिंह होता है मनुष्य के पास अपना प्रधान होता है ! सब्जी का राजा आलु होता है ! फलो का राजा आम होता है ! फूलो का राजा गुलाब होता है ! पक्षियों का राजा मोर को माना जाता है !

ठीक उसी प्रकार हमारा भी एक राजा होना चाहिए !

लेकिन सवाल यह है की आखिर हम राजा का चुनाव कैसे करेंगे ! सभी के दिमाक में यही सवाल था !

कुछ समय बाद सभी ने अपनी अपनी राय दी की हम इस इस प्रकार राजा का चुनाव कर सकते है !

उन सभी राय में से एक राय सभी मेंढक ने मान ली की हम सुमंद्र के बीचो बीच एक लोहे का पाइप खड़ा करेंगे और उस लोहे के पाइप के टॉप पर कोई भी मेंढक चढ़ जायेगा वही हम सब का राजा होगा !

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बीच समुन्द्र में राजा का चुनाव

अभी समुन्द्र के बीचो बीच लोहे का स्लिकिन पाइप खड़ा कर दिया और सभी मेंढक राजा बनने की जिद्द ठानकर उस पर चढ़ने लगे !

वैसे राजा बनने का अवसर सभी के पास समान था ! मोका सभी को दिया गया था ! और सभी ने अपनी अपनी किस्मत को अजमाया !

कुछ समय बाद देखा गया की 50% मेंढक तो यह समजकर बैठ गये की हम इस पाइप पर नहीं चढ़ सकते !

बाकी के बचे 50% लोग अपनी अपनी किस्मत को अजमाते हुए कोशिश कर रहे है पाइप पर चढ़ने की ! आधे पाइप पर चढ़ते है फिर गिर जाते है फिर चढ़ते है फिर गिर जाते है !

उसके कुछ समय बाद देखा गया की सभी मेंढक हाथ धोकर बैठ जाते है ! की शायद हम इस पाइप पर नहीं चढ़ सकते !

लेकिन 1 मेंढक ऐसा था जो बार बार गिरने के बावजूद कोशिश के ऊपर कोशिश किया जा रहा था ! गिरा फिर चढ़ा गिरा फिर चढ़ा गिरा फिर चढ़ा ! ऐसा काफी बार हुआ !

और बाकि के मेंढक उसे बार बार यह बोल कर परेशान कर रहे थे की आप रहने दीजिये इस पाइप पर चढ़ना आशान नहीं है ! आप हमारा भी time ख़राब नहीं करे !

उस संघर्ष शील मेंढक को हजारो बार यह बोला गया की आप नहीं चढ़ सकते आप नहीं चढ़ सकते

Hindi story of deaf to success

सफलता के लिए बहरापन

लेकिन हजारो बार गिरकर उठा और फिर गिरा और फिर उठा आखिर सबके मना करने के बावजूद वह मेंढक पाइप के टॉप पर चढ़ गया !

सभी को बड़ा आश्चर्य हुआ की आखिर सभी के मना करने पर यह कैसे चढ़ा ! एक एक करके सभी उस मेंढक से पूछने लगे की हमारे मना करने पर भी आप टॉप पर कैसे चढ़े !

इतने में पीछे से एक मेंढक की आवाज आई इससे आप कुछ भी नहीं पूछे यह तो बहरा है !

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साथियों अगर वह मेंढक बाकि के मेंढको की बात सुनता तो शायद वह कभी भी पाइप पर नहीं चढ़ सकता था और न ही राजा बन पाता

लेकिन मेंढक बहरा होने के कारन किसी की कोई बात नहीं सुन पाया और राजा बन गया !

साथियों जब भी आप कोई अच्छा काम करने की कोशिश करेंगे लोग आप को बोलेंगे की आप नहीं कर सकते लेकिन अगर आप उस काम में सफलता हासिल करना चाहते है ! तो आप उन लोगो की बातो को सुनना ही बंद कर देना ! आप उनके प्रति बहरा बन जाना ! आपको सफलता से कोई नहीं रोक सकता

क्योकि लोगो का काम है आपको गिराना लेकिन आपका काम है उन्ही लोगो के सामने सफल होकर दिखाना !

इसलिए बोलता हु सफलता के लिए बहरापन जरुरी है

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Final Word

उम्मीद करता हु आपको यह लेख आपको बहुत पसंद आया

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Hindi story of deaf to success में बस इतना ही | धन्यवाद |

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