Curiosity Motivational story in Hindi

माँ की जिज्ञासा Curiosity Motivational story in Hindi

Curiosity Motivational story in Hindi

Mother’s curiosity Motivational story in Hindi for success

वैसे जिज्ञासा का शाब्दिक अर्थ होता है जानने की ईच्छा ! मनुष्य की जिज्ञासा आदि अनादी काल से ही विधमान रही है ! मनुष्य ने हमेशा क्या , कैसे , कोन , कब , कहा , और किसने इन सभी का अर्थ खोजने में जिज्ञासा दिखाई है ! अब तक जितने भी आविष्कार हुए है वो सब मनुष्य की जिज्ञासा का ही परिणाम है !

अंग्रेजी में एक कहावत है Curiosity is the mother of knowledge मतलब जिज्ञासा ही ज्ञान की माता है ! इस धरती पर उपस्थित हर एक जीव की जिज्ञासा होती है ! किसी को सीखने की जिज्ञासा होती है ! तो किसी को कुछ करने की यानी हर जीव की एक अलग जिज्ञासा होती है ! लेकिन में यहाँ पर बात करूँगा की एक माँ की जिज्ञासा क्या होती है !

माँ की जिज्ञासा

जिज्ञासा वैसे हर इन्सान या कहे हर जीव का एक अपना अपना लालच होता है ! अगर मेरी ईच्छा है की में एक लेखक बनु तो मेरा लालच है में लोगो के बीच फैमस होना चाहता हु ! इसी प्रकार हर इन्सान की जिज्ञासा का तार किसी ने किसी लालच से जरुर जुड़ा होता है ! लेकिन यह 100 % सच्चाई है की माँ की जिज्ञासा का तार किसी भी लालच से नहीं जुड़ा है !

में कोई काल्पनिक कहानी नहीं बताऊंगा यह कहानी है मेरी माँ सहित मेरे परिवार की ! आज मुझे मेरी माँ से दूर हुए लगभग 01 महिना और 22 दिन हो गये ! मै जब घर से निकला था मैंने माँ से वादा किया था माँ में 15 दिन बाद वापिस घर आऊंगा आप चिंता ना करे ! इतना कहने के बाद मैंने माँ का आशीर्वाद लिया और में घर से निकल पड़ा ! मुझे मेरी माँ ने एक स्टील के बर्तन में 2 kg देशी घी भेजा था और बोली बेटा जब तुम 15 दिन बाद वापिस आओगे में तुम्हे देशी घी के लड्डू बनाकर तैयार रखूंगी ! लेकिन जब माँ से मैंने जैसे ही आशीर्वाद लिया और चला तो इस पल को शब्दों में बयाँ करना मुस्किल है !

खैर में वहा से निकला और अगले दिन अपने office पहुच गया ! मैंने पहुच कर माँ को कॉल लगाया और बोला माँ में ठीक ठाक पहुच गया हु आप चिंता ना करे ! मेरी माँ ने मेरी यह बात सुनकर भगवान को 10 बार धन्यवाद बोला की मेरा बेटा कोरोना टाइम में अपने घर सुरक्षित पहुच गया भगवान आपको बहुत बहुत धन्यवाद !

में अभी फ़ोन रखने ही वाला था की माँ बोली बेटा याद है ना 15 दिन बाद वापस घर आना है और हा इस बार छोटे भैया को भी साथ लेके आना में बोला ठीक है माँ में जरुर आऊंगा और भाई को भी साथ लेके आऊंगा आप चिंता ना करे बाय माँ love you ……………

15 दिन बाद ….

अभी मुझे 15 दिन पूरे हो गये लेकिन मेरी माँ से किया हुआ वादा में पूरा नहीं कर पाया ! मेरे business में कुछ प्रोब्लम की वजह से में घर पर नहीं पहुच पाया ! इसी बीच मुझे घर से मेरी माँ का बार बार कॉल आ रहा था ! लेकिन मैंने बोला माँ में माफ़ी चाहता हु !अभी में घर नहीं आ सकता 15 से 20 दिन बाद रक्षाबंधन है तो में रक्षाबंधन पर घर आ जाऊंगा !

माँ बोली बेटा वो बात तो तुम्हारी ठीक है लेकिन जो तुम घी लेकर गये थे वो तो ख़त्म हो गया होगा अब तुम कैसे करोगे ! एक काम करती हु में घी लेकर तुम्हारे पास आ जाती हु ! मैंने माँ को समझाया की माँ कोरोना काल में उम्र दराज लोगो का घर से निकलना सही नहीं है ! आप चिंता ना करे में रक्षाबंधन को घर आ रहा हु !

रक्षाबंधन

अभी रक्षाबंधन का त्यौहार आ चूका है !और मेरे परिवार से मेरे भाई सुमेंद्र सिंह और मेरा बेटा शिवराज सिंह शीमांशु और मेरी wife सीमा ( काजू ) और मेरे पापा का भी कॉल आने लग गया ! सभी के सभी मुझे रक्षाबंधन पर घर बुला रहे है !

लेकिन इस वक्त में जो नोटिस कर रहा हु वह यह की मुझे घर बुलाने में जिस तरीके से मेरे परिवार के हर सदस्य का कॉल मुझे आ रहा है ! इसमें हर सदस्य का कुछ ना कुछ लालच छिपा है मेरी wife अलग कारन बताती है ! मेरे पापा अलग कारन बताते है बेटा मेरा अलग ही लालची है भाई बोलता है आप आ जाओ मेरा एडमिशन करवाना है ! लेकिन मेरी माँ जब भी मुझे बुलाती है वो सिर्फ मुझसे मिलना चाहती है ! वो मुझे इतने दिन खुद से दूर नहीं रख सकती !

लेकिन मेरी मजबूरी है की मे रक्षाबंधन पर भी घर नहीं पंहुचा और मेरा किया हुआ वादा फिर से चकना चूर हो गया ! और अभी मैंने माँ को दिलाशा दिलाई की माँ में कृष्ण जन्माष्टमी पर घर जरुर आऊंगा ! लेकिन मैंने एक बार फिर मेरी माँ का दिल तोड़ दिया ! और में कृष्ण जन्माष्टमी पर भी घर नहीं पंहुचा ! मेरे पास मेरे एक पडोसी का कॉल आया उन्होंने मुझे बताया मेखराज आप आजाओ आप की माँ ने रो रो कर बुरा हाल कर रखा है !

एक माँ की जिज्ञासा

में मेरे लाखो दोस्तों को बताना चाहूँगा की माँ की जिज्ञासा नि स्वार्थ होती है ! मेरी माँ जैसे ही आप सब की माँ है क्योकि माँ सभी की एक जैसी होती है ! माँ का प्यार हमेशा अटूट रहता है ! और में अभी एक दो दिन में मेरी माँ के पास जा रहा हु ! उम्मीद करता हु !जितना में मेरी माँ से प्यार करता हु आप भी अपनी माँ से उतना ही प्यार करे बस मेरी तरह इतने दिनों तक घर से दूर मत रहना ! i love you ma ……………………

अपनी ख्वाहिशो की कत्ल कर
वो हमेशा हमारे सपनो के लिए जीती थी !
बस कुछ इसी तरह
हमारी माँ की जिन्दगी बीती थी !

Curiosity Motivational story in Hindi में यह कहानी आपको कैसे लगी प्लीज हमे comment में जरुर बताये और आपके दोस्त और परिवार में इस motivational short story in hindi को जरुर share करे !

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2 thoughts on “माँ की जिज्ञासा Curiosity Motivational story in Hindi”

  1. मां की जिज्ञासा एक बहुत ही अच्छी और मोटीवेशन कहानी है

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