Adventure Motivational story in Hindi

साहस हिम्मत The Adventure Motivational story in Hindi

Adventure Motivational story in Hindi

Adventure Motivational story in Hindi for success

दोस्तों कई बार हम अपने जीवन के एक ऐसे हिस्से से गुजर रहे होते है ! जब परेशानिया हमारे सर चढ़कर नाच रही होती है ! यही वो समय है जब इन्सान अपने आप को साबित करता है ! की उसको टूटना है या बने रहना है ! अक्सर लोग इस वक्त पर अपना धैर्य खो देते है और टूट जाते है ! लेकिन इस वक्त उनको जरूरत होती है विवेक से काम लेने की और अपनी सकारात्मक शक्तियों का उपयोग करके उस समस्या को हराने की ! महान विद्वान् आचर्य चाणक्य कहते है की हर आदमी के साहस में वो ताकत है जो किसी भी समस्या को हरा सकती है !

आपके साहस में चार चाँद लगाने के लिए में एक छोटी सी कहानी प्रस्तुत कर रहा हु !

साहस और हिम्मत की शक्ति

एक बार एक विधालय में 15 अगस्त का प्रोग्राम था ! सभी छात्र छात्राये और गुरुजन मिलकर आजादी के त्यौहार को धूम धाम से मना रहे थे ! संगीत कार्यक्रम लगभग ख़त्म होने को था ! संगीत कार्यक्रम के तुरंत बाद हर एक छात्र और छात्रा के स्पीच होने थे ! अथवा सभी student को भारतीय महापुरुषो के बारे में कुछ समय तक बोलना था !

सभी student को अपनी अपनी वारी आने का इंतजार था ! और सभी बहुत Excited भी थे ! लेकिन एक रमेश नाम का student बिल्कुल घबराये हुए था ! उसकी सबसे बड़ी प्रोब्लम थी की वो कभी किसी के सामने नहीं बोल सकता था ! लेकिन रमेश को पता था की आज में किसी भी हालत में बच नहीं पाउँगा आखिर आज तो सब के सामने बोलना ही पड़ेगा !

अभी देखते ही देखते वो वक्त आ चुका है जब रमेश को हजारो तालियों की गढ गढ़ाहत के बीच स्टेज पर जाना है ! लेकिन अभी रमेश बिल्कुल हिम्मत नहीं कर रहा की वो स्टेज पर जा सके !

लेकिन हुआ कुछ ऐसा की रमेश को लगा अभी जो कुछ होना है वो तो होकर रहेगा इसमें कोई संदेह नहीं है ! क्यों नहीं मुझे स्टेज पर जाना चाहिए जैसा आये वैसा बोल देना चाहिए ! इतने देर बाद ही रमेश स्टेज पर पहुच गया !

और जब साहस और हिम्मत के साथ रमेश ने बोलना start किया तो सभी teacher और student भी अचरज में रह गये आखिर रमेश तुम इतना कैसे बोल गये ! कहाँ तुम लोगो के सामने बोलने से डरते थे और आज तुम बोलते बोलते रुक भी नहीं पा रहे है !

रमेश के आखिरी शब्द

और जब अंत में रमेश के स्पीच ख़त्म हुए तो आखिर में वो बोलने लगा में लोगो के सामने बोलने से बहुत डरता था लेकिन आज मैंने अपनी positive energy को पहचाना और साहस व् हिम्मत से काम लेकर में स्टेज पर आया और बोलना start किया !

अंत में में सभी प्यारे मित्रगन को यही बोलना चाहूँगा की आप वो सब कर सकते हो जो आप कभी सोच भी नहीं सकते ! और आप वो सोच सकते हो जो ओर कोई नहीं सोच सकता ! बस एक बार उस काम को करने की हिम्मत और साहस पैदा कर लेना आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता ! आपके अंदर वो शक्ति है जो किसी ओर में नहीं है ! बस आपको उसे पहचानने की जरूरत है !

सीख

दोस्तों यह एक कहानी मात्र नहीं है ! इस छोटी सी कहानी में आपकी बहुत सारी समस्याओ का समाधान है ! यह सिर्फ रमेश की समस्या नहीं है इस दुनिया में ना जाने कितने ऐसे रमेश है जो इस समस्या से झूझ रहे है ! जो लोगो के सामने बोलने से डरते है !

आप रमेश की तरह एक बार हिम्मत तो करो बोलने की आप जरुर लोगो के सामने बोल सकते हो ! परेशानिया बड़ी नहीं होती है बस हमारे विचार ही परेशानियों को छोटा या बड़ा बनाते है !

ख्वाब टूटे है मगर होसले अभी जिन्दा है !
हम वो है जहा मुश्किले भी शर्मिंदा है !

Adventure Motivational story in Hindi में यह कहानी आपको कैसे लगी प्लीज हमे comment में जरुर बताये और आपके दोस्त और परिवार में इस motivational short story in hindi को जरुर share करे !

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