Hindi story of Positive thinking

सकारात्मक सोच का परिणाम hindi story of Positive thinking

Hindi story of Positive thinking

सकारात्मक सोच किसी जादू से कम नहीं hindi story of Positive thinking

बात उस समय की है जब नारद मुनि एक जंगल में होकर गुजर रहे थे ! हुआ यह की अचानक उनकी नजर एक ऐसे शख्स पर पड़ी जो पता नहीं कितने दिनों से भगवान का भजन कर रहे थे !

स्थिति यह थी की उस शख्स के शरीर के उपर दीमक ने अपना घर बना लिया ! मतलब उसके शरीर पर दीमक चढ़ने लगी !

तभी नारद जी ने उस शख्स के पास जाकर उनका ध्यान विचलित कराया और बोला हे साधू आप यहाँ पर कितने दिन से भजन ध्यान कर रहे हो और आप भगवान से क्या मांगना चाहते हो बताओ ! में भगवान के पास ही जा रहा हु !

साधू बोला नारद आप भगवान से पूछकर आना की मुझे उनकी प्राप्ति कब तक होगी ! में भगवान से मिलना चाहता हु ! यह सुनकर नारद बोला ठीक है में वापिस जाते समय तुम्हे जरुर बताऊंगा की भगवान ने तुम्हारे लिए क्या बोला है !

नारद थोडा ही आगे निकला की एक और व्यक्ति अपनी धुन में भगवान का भजन करने में लगा पड़ा है ! नारद ने उनका भी ध्यान विचलित कराया और बोला हे भक्त आप कब से भजन कर रहे हो ! और क्या चाहते हो बताओ में भगवान के पास ही जा रहा हु !

उसने अपनी आंखे खोली और बोला नारद आप मेरे प्यारे भगवान को पूछ कर आना की मुझे मुक्ति कब मिलेगी !

नारद मुनि ने दोनों की बात सुनकर आगे चलने का फैशला किया !

नारद मुनि का वापिश आगमन

जब नारद मुनि बैकुंठ से वापिश लोट रहे थे रास्ते में वह दोनों शख्स मिल जाते है ! और बारी बारी से दोनों को अपना अपना फरमान सुनाने लगे

पहले को बोले आपको अभी 4 जीवन और लगेंगे भगवान से मिलने में ! नारद की यह बात सुनकर वह बोला मतलब में इतने दिन से भक्ति कर रहा हु फिर भी मुझे 4 जीवन और लेने पड़ेंगे भगवान से मिलने के लिए और दुखी होने लगा

दुसरे को बोले जितने सामने वाले पेड़ में पत्ते है उतने दिनों में आपको मुक्ति मिल जाएगी ! नारद की यह बात सुनकर वह जोर जोर से नाचने लगा ! खुसी मनाने लगा बस मुझे सिर्फ इतने ही दिनों में मुक्ति मिल जाएगी !

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सकारात्मक सोच का परिणाम

नारद की बात सुनकर एक को बड़ा दुःख हुआ और एक ख़ुशी मनाने लगा ! मतलब एक की सोच सकारात्मक और एक की सोच नकारात्मक

इतने में एक आकाश वाणी से आवाज आती है की हे भक्त आप ध्यान से देखो आपको मुक्ति मिल चुकी है ! अभी आपने कुछ ही क्षणों में सामने वाले पेड़ के पत्तो के बराबर के दिन भक्ति पूरी कर ली है !

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सकारात्मक सोच का यही परिणाम होता है ! इन्सान जैसा सोचता है वैसा बन जाता है ! इसलिए आप हमेशा positive सोचे और positive रहे !

माना की आप किसी शादी में जाते है ! और वहा पर आपको आधा आधा गिलाश colddrink दी जाती है ! आप बोलते हो क्या यार सिर्फ आधा गिलाश ही colddrink मिली है !

लेकिन आप अगर सकारात्मक सोचते हो तो बोलोगे कम से कम आधा गिलाश colddrink तो मिली

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Final word

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सकारात्मक सोच का परिणाम hindi story of Positive thinking में सिर्फ इतना ही | धन्यवाद |

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