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खरगोश कछुआ की दूसरी कहानी in Hindi Kahaniya

The story of rabbit and tortoise in Hindi Kahaniya

खरगोश और कछुआ की in Hindi Kahaniya कहानी आपने ना जाने कितनी बार सुनी होगी आप सुनते सुनते थक भी गये ! बचपन में कभी दादी सुनाती थी ! तो कभी चाची तो कभी नानी सभी का सारांश सभी का भावार्थ सभी की शीख सभी के word हमेशा एक होते थे की एक खरगोश होता है जिसको अपनी तेज दोड़ पर घमंड होता है और उसी घमंड से वो किसी को भी challenge करता रहता है

उसने एक दिन एक कछुआ को ललकारा दोड़ के लिए कछुआ तैयार होता है ! दोनों दोड़ लगाते है खरगोश आगे निकल कर सो जाता है और कछुआ धीरे धीरे चलकर भी जीत जाता है

शीख मिलती है की हमे घमंड नहीं करना चाहिए और साथ में यह भी शीख मिलती है ! की धीरे और लम्बा चलने वाला हमेशा जीतता है

तथा इन्सान को लक्ष्य पाकर ही साँस लेना चाहिए उससे पहले नहीं रुकना चाहिए

यहाँ तक आप सभी ने सुना लेकिन आगे क्या होता है hindi kahaniya

आगे क्या हुआ story on rabbit and tortoise

दोड़ हारने के बाद खरगोश को अपसोस होता है और सोचता है ! अति आत्मविश्वास के कारन मुझे इस दोड़ में कछुआ से हार का सामना करना पड़ा मुझे आराम नहीं करना चाहिए था ! मुझे लक्ष्य पाकर ही रुकना चाहिए

खरगोश कछुआ के पास फिर से गया और बोलने लगा आज हम फिर से दोड़ लगाते है !उधर कछुआ आत्मविश्वास से भरा हुआ था ! उसने फिर से दोड़ लगाने को yes बोल दिया और दोनों तैयार हो जाते है

लेकिन खरगोश ने एक शर्त रखी की इस बार दोड़ सुखी जमीन पर होगी बिल्कुल रेत होगी रेगिस्तान के जैसा धूल उड़ रही होगी

कछुआ ने बोला ठीक है और फिर दोनों दोड़ने लगे रेस चालू हो गयी खरगोश दोड़ कर बहुत आगे निकल गया ! लेकिन उस रेगिस्तान में कछुआ से दोड़ नहीं लग पा रही कछुआ के पैर जलने लगे इतने में खरगोश बहुत आगे निकल गया और अपने लक्ष्य पर पहुच गया और मानो की कछुआ दोड़ हार गया

कछुआ को बहुत अफ़सोस हुआ अपनी हार पर

अगले दिन कछुआ खरगोश के पास गया और बोलने लगा खरगोश कल मैंने आपकी बात मानी आज आप को मेरी बात माननी पड़ेगी आज हम फिर से दोड़ लगाते है

लेकिन आज मेरी एक सर्त है इस बार दोड़ समुन्द्र में होगी हम पानी में दोड़ लगायेंगे

खरगोश एक बार सोचने लगा लेकिन yes बोल दिया और दोनों चल दिए समुन्द्र की ओर जहा पर उनको दोड़ लगानी थी दोनों समुन्द्र के पास पहुच कर पानी में उतरने लगे

कछुआ पानी ही पानी में अपने लक्ष्य तक पहुच गया लेकिन खरगोश पानी में एक मीटर भी नहीं चल सका

इस बार कछुवा दोड़ जीत गया और खरगोस हार गया

अगले दिन फिर से दोनों एकत्रित हुए ! और एक दुसरे से बोलने लगे खरगोश बोलने लगा सुन कचूआ तुम जमीन पर नहीं चल सकते और में पानी में नहीं चल सकता तुम पानी में चल सकते हो में जमीन पर चल सकता हु !

इस बार हमारी दोड़ आधी पानी पर होगी ! और आधी रेत पर जब हम रेत पर दोड़ लगायेंगे उस वक्त तुम मेरे उपर बैठना ! और जब हम पानी में दोड़ लगायेंगे ! उस वक्त में आप के उपर बैठूँगा ! कछुआ में खरगोश की इस बात को माना और दोनों दोड़ लगाने चल दिए !

नतीजा यह रहा की ना तो कोई जीता और ना कोई हारा

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इस कहानी से हमे यह समझ आता है की हमें एक दुसरे की मदद करनी चाहिए ! ताकि कोई हारे नहीं और हम सभी दोड़ जीत सकते है ! किसी को हरा कर जितना उतना ख़ुशी नहीं देता जितना किसी को जीता कर जितने में है !

Final Word

दोस्तों इस कहानी में हमने story on rabbit and tortoise पढ़ी उम्मीद करता करता हु ! आप को बहुत कुछ new शीखने को मिला प्लीज आप इस hindi kahaniya के पेज को subscribe करे! और अपने दोस्तों को share भी करे अधिक जानकरी के लिए visit करे ! www.indiahindinews.in

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