hindi story of mother

बड़ी दुआओं से पाया है बेटा तुझे hindi story of mother

Hindi story of mother

बड़ी दुआओं से पाया है बेटा तुझे सुभद्रा कुमारी चौहान hindi story of mother

वह हट न सका में हटा न सकी वो मेरे ऊपर लेटा था ! इसलिए में लेट हुई क्योकि वो मेरा बेटा था !

यह शब्द है प्रसिद्ध कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान के !

सुभद्रा कुमारी चौहान की कविताये देश विदेश तक प्रचलित थी उनकी पहली कहानी बिखरे मोती थी उसके बाद इन्होने काफी कविताये लिखी !

एक समय की बात है ! जब इंग्लेंड के लंदन में अन्तर्राष्ट्रिय कवी सम्मेलन का आयोजन हुआ उसमे भारतीय मूल के सभी कवियों को आमंत्रित किया गया था ! जिनमे सुभद्रा कुमारी चौहान भी प्रमुख थी !

कवी सम्मेलन में पहुचने का समय सुबह 10 बजे का था

कवि सम्मेलन में सुभद्रा का प्रवेश

लेकिन कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान बताये गये समय के अनुसार उस सम्मेलन में नहीं पहुच पाई ! हालाकी कवि लोग समय के पाबन्द होते है !

और कुमारी जी वहा पर पहुची लगभग 1 घंटे लेट मतलब 11 बजे !

लेकिन नतीजा यह रहा की लोगो ने कुमारी जी को खरी खोटी सुनाई और भरी सभा के बीच यह बोला था की जब आप कवी होते हुए समय का पालन नहीं कर सकती तो क्या लगता है ! आम इन्सान को आप क्या सीख दे सकती है !

इस समय के वार्तालाप ने कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान को काफी लज्जित किया !

अभी काफी समय के बाद जब चौहान जी का नंबर स्टेज पर बोलने का आया तो उन्होंने लेट होने का कारन बताया

सुभद्रा कुमारी चौहान का दुनिया को सन्देश

जब कवयित्री स्टेज पर पहुची तो उन्होंने संसार जगत से अपने लेट पहुचने का कारन बताने से पहले सभी से अपने कर जोड़कर माफ़ी मांगी उसके बाद लेट होने का कारन बताया !

और बोली

वह हट न सका में हटा न सकी वो मेरे ऊपर लेटा था ! इसलिए में लेट हुई क्योकि वो मेरा बेटा था !

जब में यहाँ आने के लिए तैयार हो रही थी उस समय मेरा बेटा मेरे पेट पर खेल रहा था जो की अभी बहुत छोटा है !

एक माँ होने के कारन में अपने बेटे को अपने पेट से नहीं हटा सकी

और यही कारन था की में अपने समय पर इस सम्मेलन में नहीं पहुच पाई

सभी को यह बाते सुनकर बहुत अच्छा लगा

बड़ी दुआओं से पाया है बेटा तुझे

जिस तरीके से एक माँ अपने बेटे के खातिर संसार जगत के सामने अपनी बेइज्जती सुन सकती है ना तो इसका यही कारन है ! की माँ ने अपने बेटे को बड़ी दुआओं से पाया है !

एक माँ अपने बेटे के लिए कुछ भी कर सकती है !

आप यहाँ से यह भी पढना ना भूले

अपने कर्म पर विश्वास करो राशियों पर नहीं 

एकलव्य से सीखे गुरुभक्ति

क्रोध पर कंट्रोल करे

एक और एक ग्यारह ही क्यों

सच्चा मित्र कोन होता है

Final Word

उम्मीद करता हु आपको यह लेख आपको बहुत पसंद आया

अगर आप भी कोई कहानी अपने नाम और फोटो के साथ यहाँ पर पब्लिश करना चाहते है तो हमें mekhrajbairwa@gmail.com पर अपना नाम फोटो और कहानी भेजे हम पब्लिश करेगे !

बड़ी दुआओं से पाया है बेटा तुझे hindi story of mother में बस इतना ही |धन्यवाद |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: